Abdul Bari Siddiqui Viral News : बिहार चुनाव से पहले राज्य में हलचल तेज है। नेता अपने-अपने राजनीतिक दलों और गठबंधनों को मजबूत करने के लिए मैदान में उतर आए हैं। चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का दौर भी शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राजद के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी प्रशांत किशोर के जन सुराज में शामिल हो सकते हैं। जब इस वायरल तस्वीर की जांच की गयी, तो इसकी एक अलग ही कहानी सामने आई, जिससे तस्वीर की सच्चाई सामने आ गयी आई। आइए विस्तार से जानते हैं इस वायरल तस्वीर की कहानी :
सबसे पहले, वायरल तस्वीर के पीछे की कहानी जानें:
सोशल मीडिया पर वायरल यह तस्वीर ‘जन सुराज फॉर बिहार’ नामक एक ट्विटर हैंडल से पोस्ट की गयी है, जिसका कैप्शन है “बोलती तस्वीर”। इसके बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गयी है कि क्या अब्दुल बारी सिद्दीकी जन सुराज में शामिल होकर राजद के मुस्लिम वोट बैंक को तोड़ेंगे।
जब मीडिया ने इस वायरल तस्वीर की जांच पड़ताल की, तो पता चला कि यह किसी गुप्त बैठक की नहीं, बल्कि ”सिटी पोस्ट लाइव’ नामक एक न्यूज़ चैनल के कॉन्क्लेव के दौरान हुई मुलाकात की है, इस कॉन्क्लेव में सभी दलों के बड़े नेता शामिल हुए थे।
सिटी पोस्ट लाइव चैनल के संपादक ने बताई सच्चाई :
इस वायरल तस्वीर के बारे में ‘सिटी पोस्ट लाइव’ के संपादक श्रीकांत प्रत्यूष ने बताया कि अब्दुल बारी सिद्दीकी का वायरल वीडियो असल में मेरे अपने चैनल, सिटी पोस्ट लाइव द्वारा आयोजित एक कॉन्क्लेव का है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में किए जा रहे इस दावे में ज़रा भी सच्चाई नहीं है कि अब्दुल बारी सिद्दीकी जनसुराय में शामिल होने वाले हैं या पहले ही शामिल हो चुके हैं। यह पूरी तरह बेबुनियाद और झूठी खबर है।
यह अफवाह कैसे फैली?
श्रीकांत प्रत्यूष ने आगे बताया कि ये अटकलें इसलिए लगाई जा रही हैं क्योंकि अब्दुल बारी सिद्दीकी के बेटे और बेटियाँ लंदन में पढ़ते हैं। उनकी बेटी लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में पढ़ती है और उनका बेटा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्र है। दोनों जन सुराज से बेहद प्रभावित हैं और इसमें शामिल होना चाहते हैं। दोनों ने प्रशांत किशोर से मुलाकात भी की है।
प्रशांत किशोर ने दिया था प्रस्ताव :
श्रीकांत प्रत्यूष ने आगे बताया कि प्रशांत किशोर ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को प्रस्ताव देते हुए कहा था, “आपके बेटे और बेटियाँ जन सुराज में शामिल होकर बिहार को बदलना चाहते हैं। यह सही मौका है, आपको आना चाहिए।” हालाँकि, सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि वह जीवन भर लालू प्रसाद यादव के साथ रहे हैं और आखिरी समय में पाला नहीं बदलेंगे।
जानिए कौन हैं अब्दुल बारी सिद्दीकी?
अब्दुल बारी सिद्दीकी बिहार की राजनीति में एक प्रमुख हस्ती हैं, जिन्होंने सात बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। उनका राजनीतिक सफर जयप्रकाश नारायण के मार्गदर्शन में शुरू हुआ और उन्होंने 1977 में जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना पहला चुनाव जीता। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर की सरकार में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
सिद्दीकी 1980 के दशक से मंत्री पदों पर रहे हैं और पिछली महागठबंधन सरकार में बिहार के वित्त मंत्री रहे हैं। उन्हें 2010 में राजद की ओर से विधानसभा में विपक्ष का नेता भी नियुक्त किया गया था। हालाँकि उन्होंने कभी लोकसभा चुनाव नहीं जीता, लेकिन 1992 से बिहार विधानसभा में एक मज़बूत राजद विधायक और नेता के रूप में उन्होंने अपनी उपस्थिति लगातार बनाए रखी है।

