Bihar Politics : देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अगला उपराष्ट्रपति बनाने की मांग उठने लगी है। भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ‘बछौल’ ने नीतीश कुमार के 20 साल के राजनीतिक अनुभव और केंद्र-राज्य की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह मांग की है। भाजपा का मानना है कि नीतीश कुमार इस पद के लिए उपयुक्त हैं।
आपको बता दें कि बिहार में यह मांग पहली बार नहीं उठा है। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद, जब जनता दल यूनाइटेड तीसरे नंबर की पार्टी बनी, तो उस समय भी यह खबर फैली थी कि अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति करेंगे। हालाँकि वह बात आई – गई हो गयी।
लेकिन जिस तरह से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया और अभी बिहार चुनाव की गहमागहमी है, उससे यह बात फिर तेज़ी से उठ रही है कि नीतीश कुमार भारत के उपराष्ट्रपति बनने वाले हैं। लेकिन! हाँ, इसमें किंतु, परंतु, परंतु… सब कुछ शामिल है। क्योंकि भी। आइए, समझते हैं कि नीतीश कुमार को लेकर क्या माहौल है और क्या संभव और क्या असंभव?

राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा, “काफी समय से भाजपा के कई नेता नीतीश कुमार को हटाने के पक्ष में हैं। कभी उन्हें उप-प्रधानमंत्री तो कभी उपराष्ट्रपति बनाने की बात करते रहे हैं। ऐसे में इस साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा ने मौका देखकर नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति जैसा राजनीतिक रूप से महत्वहीन पद देकर हटाने का खेल खेला है।”
वहीं, भाजपा कोटे से मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने इसी सवाल के जवाब में मीडिया से कहा कि “उपराष्ट्रपति कौन बनेगा, यह केंद्र सरकार का फैसला है, लेकिन अगर बिहार से कोई उपराष्ट्रपति बनता है, तो हमें खुशी होगी।”
दूसरी ओर, संविधान विशेषज्ञों का कहना है कि उपराष्ट्रपति का चुनाव तुरंत ज़रूरी नहीं है। दूसरी ओर, बिहार में अभी चुनाव होने बाकी हैं। आगामी 20 नवंबर तक नई सरकार का गठन होना है। जुलाई महीना खत्म होने वाला है। यानी अब बिहार चुनाव होने में अधिकतम 90 दिन का समय है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार से बाहर भेजने का जोखिम नहीं उठा सकती। अगर उन्हें बिहार चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना है तो यह ऐसे फैसले का समय नहीं है।
अब जबकि देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में केंद्र सरकार को पहल करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति पद पर नियुक्त करना चाहिए – हरिभूषण ठाकुर बचौल, विधायक, भाजपा

