Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 1 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची पर आपत्ति वाले मतदाताओं से आधार कार्ड लेने को कहा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण में चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त 11 दस्तावेज़ों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) या राशन कार्ड शामिल नहीं हैं। विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। कोर्ट ने पहले भी आधार लेने की सलाह दी थी, लेकिन आयोग ने इसे विश्वसनीय दस्तावेज़ नहीं बताया था। कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया कि चुनाव आयोग मंगलवार (19 अगस्त) तक ज़िला स्तर पर उन 65 लाख मतदाताओं की बूथवार सूची जारी करे जिनके नाम हटा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग को सूची में यह भी बताना होगा कि किस मतदाता का नाम किस कारण से हटाया गया है। यह सूची ऐसे प्रारूप में डाली जाएगी कि कोई भी मतदाता मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) का नंबर डालकर जानकारी प्राप्त कर सके। आयोग को अखबारों से लेकर टीवी और रेडियो तक इस सूची का पूरा प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों और विभागों के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस सूची के बारे में बताने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की खंडपीठ ने पार्टियों, नेताओं और गैर सरकारी संगठनों की याचिकाओं पर कई दिनों की सुनवाई के बाद एक अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से मंगलवार तक उन 65 लाख लोगों की सूची सार्वजनिक करने को कहा है जिनके नाम हटाए गए हैं, साथ ही नाम हटाने का कारण भी बताया है। कोर्ट ने आयोग से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से लेकर जिला स्तर तक इस आदेश के अनुपालन पर रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट में अगली सुनवाई अगले शुक्रवार (22 अगस्त) को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य भर में जिन 65 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की वेबसाइट पर भी अपलोड की जाए। ज़िले से लेकर राज्य स्तर तक के चुनाव अधिकारियों की वेबसाइट के अलावा, यह सूची छपवाकर पंचायत और प्रखंड कार्यालयों में भी लगाई जाएगी ताकि कोई भी वहाँ जाकर इस सूची को देख सके। मसौदा मतदाता सूची छपवाने के बाद चुनाव आयोग ने बताया था कि जिन 65 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें से 22 लाख मृत पाए गए, 36 लाख कहीं और चले गए या मिल नहीं पाए और 7 लाख लोगों के नाम एक से ज़्यादा मतदान केंद्रों पर दर्ज थे।

