Bihar Politics : बिहार में मतदाता सूची को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। तेजस्वी यादव के दो मतदाता पहचान पत्र मामले के बाद अब दावा किया जा रहा है कि उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं। कांग्रेस के अनुसार, विजय सिन्हा का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे में वह फर्जी मतदाता हैं, उन्हें उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने रविवार को कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं।
राजेश राम ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में ऐसा कर रहा है। अगर वोटों की चोरी न होती, तो आज केंद्र में यह सरकार न होती। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग पर लगे आरोपों का जवाब दे रही है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम दो जगहों, बांकीपुर और लखीसराय, की मतदाता सूची में कैसे है? उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटों की चोरी हो रही है। इसके लिए सभी मतदाताओं को सतर्क रहना होगा।
इस बीच, कांग्रेस मीडिया समन्वयक राजेश राठौर ने विजय सिन्हा से पूछा कि वह बताएं कि बांकीपुर और लखीसराय विधानसभा की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे है। क्या उन्होंने खुद इसे दोनों जगहों पर शामिल करवाया या बीएलओ ने यह काम किया। उन्होंने यह भी पूछा कि चुनाव आयोग उपमुख्यमंत्री को कब नोटिस देगा।
इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो मतदाता पहचान पत्र हैं। एक लखीसराय का और दूसरा पटना का। अगर विजय सिन्हा ने खुद फॉर्म नहीं भरा, तो आयोग बताए कि उनका पहचान पत्र दो जगहों पर कैसे बना। दिलचस्प बात यह है कि दोनों कार्डों में उनकी उम्र भी अलग-अलग है। इससे साफ है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया फर्जी है।
हालांकि, इस बीच, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मेरा नाम दो जगहों की मतदाता सूची में है, जिसमें पटना में नाम हटाने के लिए आवेदन दिया गया है। अभी मतदाताओं की अंतिम सूची नहीं आई है, इसकी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की प्रहरी है, वह संवैधानिक संस्थाओं का अपमान नहीं करती।

