- बिहार दारोगा वैकेंसी की मांग पर प्रदर्शन, पटना की सड़कों पर उमड़ा युवाओं का सैलाब.
- चुनाव से पहले दारोगा भर्ती को लेकर हंगामा, BPSSC और CSBC पर युवाओं का दबाव.
- पटना में छात्रों का प्रदर्शन तेज, दारोगा भर्ती में पारदर्शिता और कैलेंडर जारी करने की मांग.
- दारोगा नियुक्ति को लेकर पटना में बवाल, तिरंगा लिए सड़क पर उतरे हजारों अभ्यर्थी.
पटना 15 सिंतबर 2025 | बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को दारोगा भर्ती को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में युवा सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बिहार सरकार चुनाव की घोषणा से पहले दारोगा भर्ती प्रक्रिया पूरी करे। इसमें पूरे राज्य से आए अभ्यर्थी शामिल थे। युवाओं ने कहा कि बिहार पुलिस में नियुक्तियों को लेकर बार-बार देरी हो रही है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
युवाओं की प्रमुख मांगें :
प्रदर्शनकारियों ने केवल दारोगा भर्ती निकालने की मांग ही नहीं की, बल्कि उन्होंने उत्तर कुंजी (Answer Key), कट ऑफ, बुकलेट और कार्बन कॉपी जारी किए जाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और उम्मीदवारों का भरोसा बढ़ाने के लिए ये कदम जरूरी हैं।
युवाओं ने यह भी मांग रखी कि बिहार पुलिस सेवा आयोग (BPSSC) और केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करें। इससे अभ्यर्थियों को समय पर तैयारी करने और प्रक्रिया पर भरोसा रखने में मदद मिलेगी।
पटना की सड़कों पर उमड़ा सैलाब :
प्रदर्शन में शामिल छात्र तिरंगा झंडा लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने से राजधानी की सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। जेपी गोलंबर के पास जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे सीधे डाक बंगला चौराहा की ओर बढ़ गए।
पारदर्शिता की मांग पर अड़े अभ्यर्थी :
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और निष्पक्ष बनाना है। इससे उम्मीदवारों को स्पष्ट जानकारी मिलेगी और बार-बार की अनिश्चितता खत्म होगी। युवाओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण वे लगातार मानसिक तनाव और भविष्य की असुरक्षा झेल रहे हैं।

