Bihar Election News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रचंड जीत के बाद, नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। नई NDA सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होगा। इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। नई सरकार में भाजपा, जदयू और हम के बाद पहली बार चिराग पासवान की पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के नेता नई सरकार में मंत्री पद की शपथ लेंगे। सब कुछ लगभग तय हो चुका है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज कैबिनेट बैठक के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को होगा, जिसमें नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। नई सरकार में उनके समेत कुल 36 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इसका फॉर्मूला तय हो चुका है।
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद, एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात की। नई सरकार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो, और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा व राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री के शपथ लेने की उम्मीद है। 24 से 48 घंटों के भीतर सभी दल अपने-अपने मंत्री पद के विभागों को अंतिम रूप दे देंगे।
एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में बैठक :
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर नई सरकार की रूपरेखा पर चर्चा की। इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह, जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक में प्रत्येक दल के मंत्रियों की संख्या तय की गई। इस बीच, एनडीए के घटक दल अपने विधायक दल के नेताओं के चयन में व्यस्त हैं। चिराग पासवान ने राजू तिवारी को अपनी पार्टी का नेता चुना है।
जानें मंत्रिमंडल नियुक्ति के फॉर्मूले :
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में छह विधायकों पर एक मंत्री बनाने का फॉर्मूला तय हुआ। इसके आधार पर, जेडीयू को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 16 मंत्री, भाजपा को दो उपमुख्यमंत्रियों समेत 16 मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान को दो मंत्री पद दिए जाने की बात चल रही है। हालाँकि, चिराग की पार्टी के नेता तीन मंत्री चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर छह विधायकों वाला फॉर्मूला लागू होता है, तो उनके पास 19 विधायक हैं। इसलिए तीन मंत्री पद देना बेहतर होगा। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि विधायकों की संख्या के लिहाज से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए वह दो मुख्यमंत्रियों समेत 16 मंत्रियों को शपथ दिला सकती है। वहीं, जेडीयू मुख्यमंत्री पद के साथ 15 मंत्रियों को शपथ दिला सकती है। अगर जेडीयू 15 पर राजी हो जाती है, तो चिराग को फायदा होगा। ऐसे में चिराग की पार्टी तीन मंत्रियों को शपथ दिला पाएगी।
जानें कि किस पार्टी के कितने विधायक ?
एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 से ज़्यादा सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया। भाजपा ने सबसे ज़्यादा 89 सीटें जीतीं, उसके बाद जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास पासवान) को 19 सीटें मिलीं। जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) को पाँच और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को चार सीटें मिलीं।

