WhatsApp बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी लगातार अपने पेरेंटल कंट्रोल और सेकेंडरी अकाउंट फीचर पर काम कर रही है ताकि हर माता-पिता अपने बच्चों की निगरानी कर सकें और उन्हें सुरक्षित रख सकें। हाल ही में, Android WhatsApp बीटा वर्जन 2.26.3.6 में इससे जुड़े कई नए संकेत मिले हैं, जिससे साफ पता चलता है कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा। इस नए फीचर के तहत, माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सेकेंडरी WhatsApp अकाउंट बना पाएंगे।
यह अकाउंट खास तौर पर उन बच्चों के लिए होगा जो WhatsApp के लिए तय न्यूनतम उम्र की शर्त पूरी नहीं करते हैं या जिनके लिए सीमित एक्सेस को ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है। इन अकाउंट्स में, बच्चे सिर्फ़ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स से ही बात कर पाएंगे। बच्चों को अनजान नंबरों पर चैट या कॉल करने की इजाज़त नहीं होगी।
यह सिस्टम कैसे काम करेगा?
सेटअप प्रोसेस के दौरान, बच्चे का अकाउंट माता-पिता के WhatsApp अकाउंट से एक QR कोड स्कैन करके लिंक किया जाएगा। इसके बाद, माता-पिता को छह अंकों का प्राइमरी पिन सेट करना होगा। इस पिन का इस्तेमाल किसी भी ज़रूरी बदलाव को मंज़ूरी देने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चा खुद से सेटिंग्स में बदलाव नहीं कर पाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन सेकेंडरी अकाउंट्स में कई फीचर्स डिसेबल रहेंगे। बच्चों को अपडेट्स टैब का एक्सेस नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि वे चैनल्स या ब्रॉडकास्ट कंटेंट नहीं देख पाएंगे। चैट लॉक फीचर भी उपलब्ध नहीं होगा, ताकि कोई भी चैट छिपाई न जा सके, जिससे माता-पिता के लिए निगरानी करना आसान हो जाएगा।
हालांकि, WhatsApp ने साफ किया है कि मैसेज और कॉल की प्राइवेसी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन में कोई बदलाव नहीं होगा। माता-पिता मैसेज का कंटेंट नहीं देख पाएंगे, लेकिन उन्हें इस बारे में जानकारी मिल सकती है कि कोई नया कॉन्टैक्ट कब जोड़ा गया। यह सेकेंडरी अकाउंट तब तक माता-पिता के अकाउंट से लिंक रहेगा जब तक इसे मैन्युअल रूप से हटाया नहीं जाता या बच्चा WhatsApp द्वारा तय न्यूनतम उम्र तक नहीं पहुंच जाता। उम्र की सीमा तक पहुंचने के बाद, अकाउंट को सामान्य WhatsApp प्रोफाइल में बदला जा सकता है। हालांकि, इसके लिए नए नियम और शर्तें भी स्वीकार करनी होंगी।
डेवलपमेंट स्टेज में फीचर :
WhatsApp के लिए यह पेरेंटल कंट्रोल फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और अभी बीटा यूजर्स के लिए भी उपलब्ध नहीं है। उम्मीद है कि यह नया फीचर आने वाले अपडेट्स के ज़रिए WhatsApp में शामिल किया जाएगा।
हालांकि, WABetaInfo की रिपोर्ट में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि WhatsApp इस आने वाले फीचर का इस्तेमाल करने वाले बच्चों की उम्र की पहचान या वेरिफिकेशन कैसे करेगा। अगर कोई बच्चा अपने माता-पिता की इजाज़त के बिना गलत उम्र बताकर अकाउंट बनाता है, तो ऐसे में WhatsApp बच्चे की उम्र कैसे वेरिफाई करेगा? WhatsApp ने अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

