Ration Card Rule : देश के राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल, केंद्र सरकार ने राशन कार्ड को लेकर एक नया नियम लागू किया है। जिसके अनुसार अगर कोई कार्ड धारक इसमें चूक जाता है, तो उसका राशन कार्ड तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने बुधवार को मौजूदा पीडीएस नियमों में संशोधन करते हुए सभी राशन कार्ड धारकों के लिए हर पाँच साल में इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर यानी ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है। इस कदम का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली में धोखाधड़ी को रोकना, डुप्लिकेट कार्ड हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी सही लाभार्थियों तक पहुँचे।
जानें क्या हैं नए नियम?
राशन कार्ड नियमावली में बदलाव करते हुए बुधवार को केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार गया है कि “लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2025” के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बढ़ाने, दोहराव को रोकने और सब्सिडी के लक्ष्य में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके तहत, राज्य सरकारों को हर पाँच साल में सभी पात्र परिवारों का ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। इस प्रक्रिया में अपात्र परिवारों को लाभार्थी सूची से हटाकर नए पात्र परिवारों को शामिल किया जाएगा।
राशन कार्ड के लिए पात्रता :
नए नियमावली के अनुसार राशन कार्ड आवेदन के लिए न्यूनतम आयु अब 18 वर्ष निर्धारित की गई है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि केवल पात्र व्यक्ति ही राशन कार्ड के माध्यम से सब्सिडी प्राप्त करें। कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपना अलग राशन कार्ड बनवाने के लिए पात्र होगा। वहीं पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार नंबर (यदि उपलब्ध हों) एकत्र किए जाने चाहिए और उनके पाँच वर्ष पूरे होने के एक वर्ष के भीतर ई-केवाईसी करवाना आवश्यक है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है, “जिन लाभार्थियों ने पिछले छह महीनों से राशन नहीं उठाया है, ऐसे राशन कार्ड धारक का कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया जाएगा। राज्य सरकार को पात्रता का पुनर्मूल्यांकन करने और आगे की कार्रवाई करने के लिए तीन महीने के भीतर क्षेत्र सत्यापन और ई-केवाईसी पूरा करना होगा।”
इसके अलावा, जिन मामलों में एक ही राज्य या विभिन्न राज्यों में डुप्लिकेट पाए गए राशन कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिए गए हैं, वहाँ लाभार्थियों को वैध दस्तावेज़ जमा करके और ई-केवाईसी पूरा करके पात्रता साबित करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। सरकार के अनुसार अब नए राशन कार्ड पहले आओ, पहले पाओ (FIFO) पद्धति पर जारी की जाएगी। वहीं राज्यों को अपने सार्वजनिक वेब पोर्टल पर एक वास्तविक समय की पारदर्शी प्रतीक्षा सूची प्रकाशित करनी होगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति जान सकेंगे।
ई-केवाईसी प्रक्रिया क्या है?
ई-केवाईसी एक डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है जिसमें राशन कार्ड धारकों को आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होती है। यह प्रक्रिया आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (फिंगरप्रिंट या आई स्कैन) या वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के माध्यम से पूरी की जा सकती है। आधार प्रमाणीकरण के बाद, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा लाभार्थी का नाम, जन्मतिथि, पता, लिंग और फोटो जैसी बुनियादी जानकारी राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को प्रदान की जाएगी। लाभार्थी की पहचान की पुष्टि के लिए इस डेटा का पीडीएस डेटाबेस से मिलान किया जाएगा।

