Supreme Court CJI Salary : भारत के 53वें चीफ जस्टिस (CJI) जस्टिस सूर्यकांत आज शपथ लेंगे। वह कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं, चाहे वह आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला हो, जिसने जम्मू-कश्मीर को खास दर्जा दिया, बिहार वोटर लिस्ट में पूरी तरह बदलाव हो, या पेगासस स्पाइवेयर केस से जुड़ा अहम मामला हो। लोगों के बीच अक्सर यह सवाल उठता है: सुप्रीम कोर्ट के जजों, खासकर चीफ जस्टिस को कितनी सैलरी और क्या फायदे मिलते हैं?
भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की सैलरी, ग्रेच्युटी, पेंशन और दूसरे फायदे दो बड़े कानूनों से तय होते हैं: सुप्रीम कोर्ट जज (सैलरी और सर्विस की शर्तें) एक्ट, 1958, और हाई कोर्ट जज (सैलरी और सर्विस की शर्तें) एक्ट, 1954। इन नियमों में किसी भी बदलाव के लिए कानूनी बदलाव की ज़रूरत होती है।

सुप्रीम कोर्ट के CJI की सैलरी :
भारत के चीफ जस्टिस (CJI) की महीने की सैलरी ₹280,000 है। यह सैलरी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट जज सैलरी एक्ट के तहत तय होती है।
पेंशन और ग्रेच्युटी: रिटायरमेंट पर, उन्हें सालाना पेंशन (₹16.8 लाख प्रति वर्ष) और ग्रेच्युटी (₹20 लाख) मिलती है।
वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी :
| पद | वेतन | पेंशन | उपदान (ग्रेच्युटी) |
|---|---|---|---|
| भारत के मुख्य न्यायाधीश | ₹2,80,000 प्रति माह | ₹16,80,000 प्रति वर्ष + डीआर | ₹20,00,000 |
सैलरी के अलावा, उन्हें कई दूसरे अलाउंस और फ़ायदे भी मिलते हैं:
ऑफिशियल घर: उन्हें बिना किराए का बंगला मिलता है।
अलाउंस: इसमें हॉस्पिटैलिटी अलाउंस (₹45,000 हर महीने), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), और दूसरे अलाउंस शामिल हैं।
गाड़ी और सिक्योरिटी: उन्हें एक सरकारी गाड़ी, ड्राइवर, 24 घंटे सिक्योरिटी और एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) दिया जाता है।
मेडिकल सुविधाएँ: उन्हें और उनके परिवार को मेडिकल सुविधाएँ भी मिलती हैं।

