Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले खगड़िया की राजनीति में दो बहनों की दावेदारी ने हलचल मचा दी है। सदर विधानसभा की पूर्व विधायक पूनम देवी यादव और उनकी बहन कृष्णा कुमारी यादव अलग-अलग सीटों से मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। दोनों बहनों की सक्रियता से जिले का सियासी माहौल गरमा गया है।
पूनम देवी वापसी की कोशिश में :
खगड़िया सदर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रह चुकीं पूनम देवी यादव पिछली बार बेहद कम अंतर से हार गई थीं। 2020 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी छत्रपति यादव को 46,980 वोट मिले थे, जबकि जदयू उम्मीदवार पूनम देवी को 43,980 वोट हासिल हुए। महज तीन हजार मतों के अंतर ने उनकी जीत रोक दी। इस बार वे फिर से जदयू से दावेदारी कर रही हैं और अपनी पुरानी पकड़ वापस पाने की कोशिश में हैं।
कृष्णा कुमारी बेलदौर से आज़माएंगी किस्मत :
दूसरी ओर, पूनम देवी की बहन कृष्णा कुमारी यादव बेलदौर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। वे वर्तमान में खगड़िया जिला परिषद की अध्यक्ष हैं और बेलदौर प्रखंड की जिला परिषद क्षेत्र संख्या 11 से जीत दर्ज कर चुकी हैं। कृष्णा कुमारी ने साफ कर दिया है कि चाहे किसी दल से टिकट मिले या न मिले, वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव मैदान में उतरेंगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पुराने अनुभव
जहां पूनम देवी यादव का राजनीतिक सफर जदयू से जुड़ा रहा है, वहीं कृष्णा कुमारी यादव का अतीत राजद से रहा है। वे 2014 के लोकसभा चुनाव में राजद के टिकट पर खगड़िया संसदीय सीट से मैदान में उतरी थीं और दूसरे स्थान पर रही थीं। उस चुनाव में लोजपा के चौधरी महबूब अली कैसर विजयी रहे थे, जबकि जदयू के दिनेश चंद्र यादव तीसरे स्थान पर थे। फिलहाल कृष्णा कुमारी किसी दल से जुड़ी नहीं हैं।

