EPFO ने अपने नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं (EPFO Rules Changes)। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी के फाइनेंस पर पड़ेगा। अगर आप भी सैलरी वाले कर्मचारी हैं और आपकी सैलरी का एक हिस्सा हर महीने आपके PF अकाउंट में जाता है, तो यह खबर आपके लिए है। आइए जानते हैं कि EPFO ने कौन से नियम बदले हैं।
क्या हुआ बदलाव?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, EPFO ने पेंशन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। पहले, EPFO के तहत रिटायरमेंट पर आपको हर महीने ज़्यादा से ज़्यादा 7500 रुपये तक की पेंशन मिल सकती थी। अब इस लिमिट को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति महीना कर दिया गया है।
इस बदलाव से उन पुराने कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिनकी सैलरी ज़्यादा थी, लेकिन उन्हें पिछली लिमिट तक ही पेंशन मिल रही थी।
50 साल की उम्र में ही निकाल सकते हैं पेंशन :
पहले, आप EPFO से पैसे कम से कम 58 साल की उम्र के बाद ही निकाल सकते थे। लेकिन अब आप 50 साल की उम्र में भी EPFO के तहत पेंशन का फायदा उठा पाएंगे। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति जल्दी पेंशन लेता है, तो उसे कम पेंशन मिल सकती है।
ऑनलाइन पेंशन क्लेम:
पहले, पेंशन क्लेम करना काफी मुश्किल था। अप्रूवल मिलने में महीनों लग जाते थे। लेकिन अब EPFO ने अपनी ज़्यादातर सर्विसेज़ को डिजिटाइज़ कर दिया है। अब फॉर्म भरने से लेकर क्लेम अप्रूवल तक सब कुछ ऑनलाइन किया जा सकता है।
नौकरी बदलने पर अब कोई झंझट नहीं:
पहले, अगर कोई नौकरी बदलता था, तो उसे अपना पुराना रिकॉर्ड नए ऑफिस में ट्रांसफर करवाना पड़ता था। लेकिन अब यह अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा।

