SBI Home Loan Hike : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने नए ग्राहकों के लिए होम लोन की ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका क्रेडिट स्कोर अपेक्षाकृत कम है, क्योंकि बैंक ने ऋण दर की ऊपरी सीमा बढ़ा दी है।

एसबीआई के साथ ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी होम लोन ब्याज दरों में इज़ाफ़ा किया है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अन्य सरकारी बैंक भी इस राह पर चल सकते हैं।

आरबीआई के फैसले के बाद बैंकों पर दबाव

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 1 प्रतिशत की कटौती के बाद बैंकों पर मूल्य निर्धारण का दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से एसबीआई और यूनियन बैंक ने होम लोन महंगा करने का कदम उठाया है।

क्या है नई दरें ?

  • एसबीआई: एसबीआई ने होम लोन पर ब्याजदर बढ़ाकर 7.50% से 8.70% तक कर दिया है। जो पहले 7.50% से 8.45% तक थीं।

  • यूनियन बैंक: पहले 7.35% ब्याज दर पर लोन देता था, जिसे अब 7.45% कर दिया गया है।

  • वहीं निजी क्षेत्र के बैंक – एचडीएफसी बैंक (7.90%), आईसीआईसीआई बैंक (8.00%) और एक्सिस बैंक (8.35%) पहले से ही इससे अधिक शुरुआती ब्याज दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं।

इन ग्राहकों पर पड़ेगा असर :

वित्त विशेषज्ञों के मुताबिक, एसबीआई ने सिबिल स्कोर और एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) के आधार पर ब्याज दरों में यह बदलाव किया है। दरअसल, होम लोन बैंकों के लिए अपेक्षाकृत कम लाभ देने वाला उत्पाद माना जाता है, इसलिए नए ग्राहकों में खासकर कम क्रेडिट स्कोर वालों पर अतिरिक्त भार डाला गया है।

हालांकि यह संशोधन सिर्फ नए ग्राहकों के लिए लागू होगा। मौजूदा ग्राहकों के लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के बकाया ऋण पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि एसबीआई के खुदरा ऋण पोर्टफोलियो में होम लोन की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है।

अन्य बैंकों में होम लोन की ब्याज दरें :

 

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