8th Pay Commission 2025 : इस दिवाली सरकारी कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान और भी बड़ी हो सकती है। वजह साफ है – 8वें वेतन आयोग की गूंज अब बेहद करीब सुनाई दे रही है। माना जा रहा है कि दिवाली 2025 (20-22 अक्टूबर) तक इसका गठन हो जाएगा और काम तेजी से शुरू हो जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार सिफारिशें लंबित नहीं रहेंगी, बल्कि 8 महीने के अंदर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। यानी कर्मचारियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
8वें वेतन आयोग का गठन कब होगा?
पिछले आयोगों के अनुभव बताते हैं कि पहले संदर्भ की शर्तें (टीओआर) और गठन की प्रक्रिया तय करने में काफ़ी समय लगता था। लेकिन इस बार स्थिति अलग दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि अक्टूबर 2025 तक 8वें वेतन आयोग का गठन हो जाए। यानी दिवाली आते ही कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी भी आ जाएगी।
पैनल में कितने सदस्य होंगे?
इस बार 8वें वेतन आयोग में 6 सदस्यों को शामिल करने की बात चल रही है। इसमें एक अध्यक्ष और पाँच अन्य विशेषज्ञ होंगे, जो विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की ज़रूरतों, मुद्रास्फीति और वेतन संरचना का अध्ययन करेंगे।
जानें कब आयेगी सिफारिशें ?
अगर छठे और सातवें वेतन आयोग के पैटर्न को देखें, तो रिपोर्ट तैयार होने में लगभग 15 से 18 महीने लगते हैं। लेकिन, इस बार सरकार की मंशा साफ़ है – सिर्फ़ 8 महीनों में सिफारिशें तैयार कर ली जाएँगी। इसका सीधा सा मतलब है कि 2026 आते ही कर्मचारियों को नए वेतन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
जानें कब लागू होगा नया वेतन ?
सूत्रों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होंगी। अगर इसमें थोड़ी भी देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर के रूप में राशि मिलेगी। यानी लाभों में कोई कमी नहीं होगी।
फिटमेंट फैक्टर का गणित :
हर वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस बार चर्चा है कि 1.92 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जा सकता है। यानी कर्मचारियों के मूल वेतन में सीधी बढ़ोतरी होगी और इसका असर कुल वेतन पर दिखेगा।
डीए (महंगाई भत्ता) का प्रभाव :
फिलहाल, कर्मचारियों को 55% डीए मिल रहा है। जुलाई 2025 से इसके 58% होने की पुष्टि हो चुकी है। इसकी घोषणा अभी बाकी है। वहीं, जनवरी 2026 तक इसके 61% तक पहुँचने की संभावना है। लेकिन, जैसे ही 8वां वेतन आयोग लागू होगा, नया वेतन ढांचा आने के बाद, DA फिर से शून्य (0) से शुरू होगा। यही वजह है कि सबकी नज़र फिटमेंट फैक्टर और नए वेतन स्तर पर टिकी है।
आठवां वेतन आयोग क्यों खास है?
यह सिर्फ़ वेतन वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की मेहनत और उम्मीदों का सम्मान है। जब महंगाई बेलगाम हो और खर्चे बढ़ते जा रहे हों, तब वेतन आयोग की सिफ़ारिशें कर्मचारियों को राहत देती हैं। इस बार सरकार भी चाहती है कि प्रक्रिया तेज़ हो और कर्मचारियों का विश्वास बरकरार रहे।

