Bihar Ration Yojana : बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अनाज लेने के लिए सरकारी राशन दुकानों (PDS) पर घंटों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। बिहार सरकार ने केंद्र सरकार के ‘ग्रेन ATM’ प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। बिहार इस टेक्नोलॉजी को लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है।
भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक :
इस योजना का मुख्य मकसद राशन वितरण सिस्टम में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से मिले प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। केंद्र से फाइनल मंज़ूरी मिलते ही इसे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। इससे न सिर्फ वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा, बल्कि लोगों को लंबी कतारों में लगने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगा :
शुरुआती दौर में, यह योजना पूरे राज्य के बजाय कुछ चुने हुए ज़िलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जाएगी। इन ज़िलों में इसकी सफलता और फीडबैक के आधार पर, बाद में इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा।
‘ग्रेन ATM’ कैसे काम करेगा?
यह मशीन बिल्कुल बैंक के कैश ATM की तरह काम करेगी। लाभार्थी को मशीन में अपना राशन कार्ड नंबर या बायोमेट्रिक (अंगूठे का निशान) डालना होगा। अनाज की मात्रा और प्रकार चुनने के बाद, मशीन तय मात्रा में गेहूं या चावल निकालेगी। इससे अनाज के वज़न में किसी भी तरह की हेराफेरी की संभावना खत्म हो जाएगी।

