Bihar Vidhan Sabha : बिहार में बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी नेताओं ने SIR के मुद्दे पर फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में अपनी बात रखी और SIR के मुद्दे पर विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। जिसका उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विरोध किया।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खड़े हुए और अपने द्वारा किए गए कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने फिर से लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी। मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव से कहा कि आप तब बच्चे थे। आपको नहीं पता कि 2005 से पहले क्या होता था।
इस बीच, भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है। यह सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव भड़क गए और माफ़ी मांगने की बात कहने लगे। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद स्पीकर नंद किशोर यादव ने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि भाई वीरेंद्र ने सदन में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, वो गलत हैं। आप उनसे कहिए कि वो माफी मांग लें। इसी बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मेरे किसी विधायक ने कुछ कहा है तो बुरा मत मानिए।
इसके बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा खड़े हो गए और माफी मांगने की बात करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें भी फटकार लगाई और कहा कि आप बैठ जाइए, मैं सदन नहीं चलाता और मुझे तय करने दीजिए कि क्या करना है और क्या नहीं। मैं तय करूंगा। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
इस पर स्पीकर ने सदस्यों से शांत होने को कहा, लेकिन हंगामा नहीं रुका। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि आज राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने विधानसभा में जिस भाषा का उपयोग किया, यह बेहद आपत्तिजनक है। लोकतंत्र के मंदिर में ऐसी भाषा अशोभनीय है। राजद के लोग गुंडागर्दी चलाना चाहते हैं, सदन में गुंडागर्दी करते हैं। वे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं और सदन को चलने नहीं देते।

