Bihar News : बिहार में शराबबंदी कानून के समीक्षा की मांग को लेकर राजनीतिक पारा गरमा गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों इसके पक्ष में हैं। NDA के अंदर ही शराबबंदी के समीक्षा की मांग उठने लगी है। नीतीश कुमार सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। इससे सवाल उठता है कि क्या बिहार सरकार अपने फैसले पर दोबारा सोचेगी? फिलहाल विपक्ष इस मुद्दे को भुनाने में लगा है। बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने भी शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। राबड़ी देवी की अगुवाई में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए पहुंचते ही सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
शराबबंदी पर राबड़ी देवी का बड़ा बयान:
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी गुरुवार को विधान परिषद पहुंचीं। बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी सदस्यों ने परिषद के बाहर हंगामा किया। सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “राज्य में कानून व्यवस्था नहीं है। बिहार में हर जगह शराब मिल रही है। बॉर्डर से शराब बिहार आ रही है।”

लॉ एंड ऑर्डर का मुद्दा उठा:
बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को लेकर RJD के विधायकों ने बिहार असेंबली के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। RJD MLA रणविजय साहू ने कहा, “बिहार में हालात बहुत खराब हैं। पटना में लगातार मर्डर और रेप हो रहे हैं। बिहार में अपराधियों का हौसला बढ़ गया है, और सरकार चुप है। मुख्यमंत्री बोलने को तैयार नहीं हैं। हम लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।”
मांझी ने यह कहा: नीतीश कुमार के अपने सहयोगी भी शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार से शराबबंदी पर फिर से विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हम बार-बार नीतीश कुमार से बात कर रहे हैं और हमारे कहने पर तीसरी बार शराबबंदी का रिव्यू करने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।”
माधव आनंद ने रिव्यू की मांग की:
आरएलएम (RLM) के विधायक माधव आनंद ने मंगलवार को नीतीश कुमार से शराबबंदी का रिव्यू करने की मांग की थी। उन्होंने बुधवार को सदन में भी यह मुद्दा उठाया।
बिहार के मंत्रियों का बयान:
इस बीच, बिहार सरकार के SC/ST मंत्री लखींद्र पासवान ने भी कहा था कि वे शराबबंदी का रिव्यू करने के पक्ष में हैं। बिहार में सूखे नशे का ट्रेंड बढ़ रहा है, और इसी को ध्यान में रखते हुए लखींद्र पासवान ने शराबबंदी के रिव्यू की मांग की थी। हालांकि, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार में शराबबंदी कानून के रिव्यू को ज़रूरी नहीं समझा।
शराबबंदी पर सरकार का अगला कदम क्या होगा?:
फिलहाल, नीतीश कुमार अपने फैसले पर अड़े हुए दिख रहे हैं। हालांकि, 2026 के लिए राजनीतिक समीकरण थोड़े अलग हैं। इस बार, गठबंधन में BJP सबसे बड़ी पार्टी है और अपने सहयोगी दलों पर दबाव बढ़ा रही है। इसलिए, कयास लगाए जा रहे हैं कि शराबबंदी पूरी तरह खत्म तो नहीं होगी, लेकिन इसके सख्त नियमों में कुछ बड़े बदलाव समय आने पर किए जा सकते हैं। हालांकि, अब सब कुछ सरकार के रुख पर निर्भर करता है।
RJD का विरोध: बता दें कि गुरुवार को बिहार विधानसभा के बजट सेशन के दौरान, RJD और लेफ्ट के विधायकों ने कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार में आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकाम है। अलग-अलग नारों वाले पोस्टर लेकर, RJD और लेफ्ट के विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में काफी देर तक विरोध किया।
उर्दू टीचरों की बहाली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन:
AIMIM के विधायकों ने उर्दू टीचरों की बहाली और AMU सेंटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने TRE-4 में उर्दू टीचरों की बहाली की मांग की। AIMIM MLA अख्तरुल इमान ने कहा कि बिहार में उर्दू दूसरी भाषा होने के बावजूद सरकार इसके साथ भेदभाव कर रही है।

