Bihar News : बिहार में इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले हो रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण को लेकर सियासत गरमा गई है। इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा किया है कि बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास दो वोटर कार्ड हैं। ये दोनों वोटर कार्ड दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के हैं और उनमें उनकी उम्र भी अलग-अलग है। उन्होंने बताया कि एक वोटर कार्ड में उनकी उम्र 57 साल और दूसरे में 60 साल दर्ज है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह हैरानी की बात है कि आपके पास दो EPIC नंबर हैं, वो भी दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में। एक में उम्र 57 साल और दूसरे में 60 साल है। यह चुनाव आयोग के ऐप पर ऑनलाइन भी है। पार्टियों को जो वोटर लिस्ट मिली है, उसमें भी यह है। तो अब लोगों को पता चलना चाहिए कि इसमें कौन फर्जीवाड़ा कर रहा है और कौन नहीं। ये बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा हैं, जो प्रधानमंत्री के करीबी हैं। सिर्फ़ दो ही चीज़ें हो सकती हैं, या तो चुनाव आयोग की SIR की पूरी प्रक्रिया ही फर्जी है या फिर बिहार के उप-मुख्यमंत्री ही फर्जी हैं। सिर्फ़ यही दो चीज़ें हो सकती हैं।”
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का नाम दो जगहों पर वोटर लिस्ट में – तेजस्वी यादव:
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि अब सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग या पटना ज़िला प्रशासन और लखीसराय ज़िला प्रशासन उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा को नोटिस भेजेगा? क्या विजय सिन्हा पर कोई कार्रवाई होगी? भाजपा लोकतंत्र और संविधान की धज्जियाँ उड़ा रही है। हम कई बार कह चुके हैं कि SIR बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है। मामला कोर्ट में भी है और जिस तरह का फर्जीवाड़ा हो रहा है, उसके बारे में हम पूरे सबूतों के साथ कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। अब इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि SIR के होते हुए भी बिहार के उपमुख्यमंत्री का नाम दो जगह वोटर लिस्ट में है। इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है कि SIR में कितना बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है।
चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट रोल फाइल वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। इससे पहले वोटर सर्विस पोर्टल से टेक्स्ट बेस्ड पीडीएफ डाउनलोड किया जाता था। टेक्स्ट बेस्ड का मतलब है कि हम किसी का नाम डालकर सर्च करेंगे। नाम डालते ही वो सामने आ जाएगा। अब इन लोगों ने क्या किया है? इमेज बेस्ड पीडीएफ डाउनलोड हो रहा है।

