Cyber Fraud : बिहार में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक और बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले पुलिस ने पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के तधवा नंदपुर पोखरी टोला में छापेमारी कर चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तार साइबर ठगों का कनेक्शन पडोसी देश पाकिस्तान से है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार साइबर ठगों से पूछताछ में जुटी है। साइबर थाने की सूचना पर केंद्रीय खुफिया जांच एजेंसी के अधिकारी भी गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर रहे है।
पाकिस्तान से है साइबर ठगों का कनेक्शन
खबर है कि पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने पाकिस्तान में बैठे एक साइबर ठग इमरान के बारे में खुलासा किया है। पाकिस्तान में बैठे ये साइबर ठग विभिन्न खातों के जरिए पैसे भेजते थे। इसके बाद उसे सीडीएम मशीन में डालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लेते थे। इस इनपुट के आधार पर अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। पुलिस को जांच के दौरान एक पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर से चैटिंग के साक्ष्य मिले हैं। यह जानकारी बेतिया के साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने प्रेस को दी।
इनकी हुई गिरफ्तारी:
डीएसपी ने बताया कि एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर साइबर थाने की पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस क्रम में साइबर थाने की पुलिस ने शनिवार की देर रात पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के टढ़वा नंदपुर पोखरी टोला में छापेमारी कर चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में गांव के अखिलेश कुमार, रोहित कुमार, मनीष कुमार और आनंद कुमार शामिल है।
सरगना के तलाश में जुटी पुलिस :
उन्होंने बताया कि पुलिस ने इनके पास से 2 लैपटॉप, 12 मोबाइल, 26 सिम कार्ड, 62 एटीएम कार्ड, 6 पासबुक, 2 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 9 सिम रैपर, और ई-श्रम कार्ड सहित विभिन्न बैंकों के डिजिटल डिटेल बरामद किए गए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार जालसाजों ने गिरोह के सरगना का नाम प्रेम यादव बताया है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार सभी साइबर जालसाजों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरोह से जुड़े हैं 400 से ज़्यादा साइबर ठग :
गिरफ्तार साइबर ठगों ने खुलासा किया है कि गिरोह से 400 से ज़्यादा अपराधी जुड़े हैं। पश्चिमी चंपारण के अलावा, यूपी के 200 से ज़्यादा युवक इससे जुड़े हैं। पुलिस फिलहाल गिरोह से जुड़े अपराधियों की पृष्ठभूमि खंगालने में जुटी है। बेतिया रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने पिछले हफ़्ते निरीक्षण किया था।
वीडियो दिखाकर दी जाती थी ट्रेनिंग:
पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का सरगना अखिलेश पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बात करता था। वह रोहित और आनंद को पाकिस्तान का नंबर देता था। रोहित बात करता था। पाकिस्तान से साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी जाती थी। साथ ही, आनंद को एटीएम से पैसे निकालने के लिए हर दिन मोटी रकम दी जाती थी। छापेमारी टीम में साइबर थाना प्रभारी सह डीएसपी अभिनव परासर, इंस्पेक्टर मनीष कुमार, इंस्पेक्टर सौरभ कुमार आज़ाद, शिवम कुमार सिंह, प्रियंका, सिपाही आनंद कुमार भारती, राकेश कुमार, नीरज कुमार, पीयूष कुमार, अजीत कुमार शामिल थे।
मोतिहारी की महिला की शिकायत पर जाँच शुरू:
नगर थाना क्षेत्र के अगरवा मोहल्ला निवासी स्तुति कुमारी के बयान पर पुलिस ने जाँच शुरू की। इस संबंध में 23 अगस्त को शिकायत मिली थी। इसमें उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वीजा अवधि समाप्त होने और एजेंट के माध्यम से निकासी का झांसा देकर 1.20 लाख रुपये मांगे गए। इसके बाद साइबर ठगों ने उनसे 30,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने को कहा। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। जाँच के दौरान जिस खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसका लोकेशन दिल्ली का निकला।

