Bihar Crime News : बिहार के मधेपुरा जिले में बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में सोमवार को एक 20 साल की छात्रा अपने कमरे में मृत पाई गई। मृत छात्रा मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली थी और सिविल इंजीनियरिंग की दूसरे साल (तीसरे सेमेस्टर) की छात्रा थी। यह घटना तब सामने आई जब छात्रा काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली और दरवाजा अंदर से बंद था। हॉस्टल अधिकारियों और साथी छात्राओं ने दरवाजा तोड़ा और उसका शव खिड़की के पास मिला।
दरवाजा तोड़ने के बाद मिला शव:
जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो हॉस्टल की दूसरी छात्राओं और स्टाफ ने उसे तोड़ दिया। अंदर घुसने पर सभी छात्रा का शव देखकर हैरान रह गए। खबर मिलते ही कॉलेज में छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पोस्टमॉर्टम का इंतजार:
मृत छात्रा के परिवार को सूचित कर दिया गया है और वे मधेपुरा आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, परिवार के आने के बाद ही पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन अभी तक कोई सुसाइड नोट या अन्य सबूत नहीं मिला है। पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।
पढ़ाई और खेल में अव्वल थी छात्रा:
क्लासमेट्स और कॉलेज के अन्य छात्रों ने बताया कि छात्रा पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और एक बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ी भी थी। वह हमेशा एक्टिव और मिलनसार थी। वह तीसरे सेमेस्टर में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। उसकी अचानक मौत से सभी सदमे में हैं और गहरा दुख जता रहे हैं। घटना के बाद कॉलेज कैंपस में दुख और तनाव का माहौल है।
जांच के लिए FSL टीम बुलाई गई:
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने बताया कि कॉलेज प्रिंसिपल से सूचना मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई। सिंहेश्वर थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। अनुमंडल पुलिस अधिकारी प्रवेन्द्र भारती ने कहा, “मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। मौत का कारण अभी साफ नहीं है। मौत के कारण की वैज्ञानिक जांच के लिए FSL टीम को बुलाया गया है।” मौत का कारण अभी सामने नहीं आया: फिलहाल, यह साफ नहीं है कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस पढ़ाई के दबाव, निजी समस्याओं या किसी अन्य मुद्दे जैसे विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। रूममेट्स और हॉस्टल वार्डन से भी पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
बिहार में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल:
यह घटना एक बार फिर बिहार में छात्राओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठा रही है। पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे माता-पिता और समाज में चिंता बढ़ गई है।

